क्या वह ऑनलाइन कन्वर्टर आपकी फ़ाइल अपलोड करता है? 30 सेकंड में जाँचें

ज़्यादातर फ़्री कन्वर्टर आपकी फ़ाइल पहले अपने सर्वर पर भेजते हैं। Aadhaar, PAN या कॉन्ट्रैक्ट डालने से पहले Network टैब और एयरप्लेन मोड से दो आसान टेस्ट कर लें।

अपडेट

सीधा जवाब: ज़्यादातर फ़्री ऑनलाइन कन्वर्टर आपकी फ़ाइल अपने सर्वर पर अपलोड करते हैं, वहीं प्रोसेस करते हैं और फिर नतीजा वापस भेजते हैं। Nibbo जैसे कुछ ही टूल सारा काम आपके ब्राउज़र के अंदर करते हैं, इसलिए फ़ाइल आपके डिवाइस से बाहर जाती ही नहीं। इसके लिए किसी की बात पर भरोसा करने की ज़रूरत नहीं है। नीचे दिए दो टेस्ट एक मिनट से कम लेते हैं और इनके लिए किसी तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं।

यह क्यों ज़रूरी है

जब आप किसी सरकारी फ़ॉर्म के लिए Aadhaar कार्ड का स्कैन छोटा करते हैं, कॉन्ट्रैक्ट को PDF में बदलते हैं या परिवार का कोई वीडियो कंप्रेस करते हैं, तो उस फ़ाइल में आपका नाम, पता, ID नंबर, हस्ताक्षर और कभी-कभी वह GPS लोकेशन भी होती है जहाँ फ़ोटो खींची गई थी। एक बार फ़ाइल किसी और के सर्वर पर पहुँच गई, तो आप बस उनके इस वादे पर टिके रहते हैं कि वे उसे डिलीट कर देंगे। कई सर्विस कहती हैं कि फ़ाइलें “1 से 24 घंटे में” डिलीट हो जाती हैं, लेकिन तब तक भी आपके दस्तावेज़ की एक कॉपी ऐसे कंप्यूटर पर रहती है जो आपके कंट्रोल में नहीं है।

किसी मीम के लिए इसमें कोई दिक़्क़त नहीं। लेकिन PAN कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक स्टेटमेंट, मेडिकल रिपोर्ट या ITR के काग़ज़ों के लिए पहले जाँच लेना समझदारी है।

टेस्ट 1: Network टैब (कंप्यूटर, 30 सेकंड)

हर ब्राउज़र दिखा सकता है कि कोई पेज क्या भेज रहा है। कंप्यूटर पर ऐसे देखें:

  1. कन्वर्टर साइट खोलें।
  2. डेवलपर टूल्स खोलें: F12 दबाएँ, या Windows और Linux पर Ctrl+Shift+I, Mac पर Cmd+Option+I। Safari में पहले Settings → Advanced → Show features for web developers चालू करें।
  3. Network (नेटवर्क) टैब पर क्लिक करें और उसे खुला रहने दें।
  4. अब अपनी फ़ाइल चुनें और कन्वर्ज़न चलाएँ।
  5. लिस्ट पर नज़र रखें। Size के हिसाब से सॉर्ट करें या नीचे Transferred का कुल आँकड़ा देखें।

इसे कैसे समझें: अपलोड एक ऐसी रिक्वेस्ट (आम तौर पर POST या PUT) के रूप में दिखता है जिसका साइज़ लगभग आपकी फ़ाइल जितना होता है। 40 MB का वीडियो 40 MB की रिक्वेस्ट बनाता है। अगर सिर्फ़ छोटी रिक्वेस्ट दिखें, कुछ KB की, जो एनालिटिक्स, फ़ॉन्ट या पेज की इमेज के लिए होती हैं, तो फ़ाइल आपके कंप्यूटर पर ही रही।

Chrome या Edge में फ़िल्टर बॉक्स में method:POST टाइप करके आप सिर्फ़ वे रिक्वेस्ट देख सकते हैं जो डेटा भेजती हैं।

टेस्ट 2: एयरप्लेन मोड (फ़ोन या कंप्यूटर, 20 सेकंड)

यह टेस्ट फ़ोन पर भी चलता है।

  1. कन्वर्टर पेज खोलें और उसके पूरी तरह लोड होने तक रुकें।
  2. एयरप्लेन मोड चालू करें, या Wi-Fi और मोबाइल डेटा बंद कर दें।
  3. अपनी फ़ाइल चुनें और उसे कन्वर्ट करके देखें।

अगर इंटरनेट के बिना भी कन्वर्ज़न हो जाता है, तो साइट फ़ाइल अपलोड कर ही नहीं सकती, क्योंकि उसे भेजने की कोई जगह ही नहीं है। अगर “network error”, “upload failed” जैसी गड़बड़ी आए या लोडिंग का निशान घूमता ही रहे, तो इसका मतलब है कि साइट को आपकी फ़ाइल प्रोसेस करने के लिए अपने सर्वर की ज़रूरत है।

एक बात ध्यान रखें: कोई साइट ऑफ़लाइन काम करके भी, इंटरनेट वापस आने पर फ़ाइल बाद में भेज सकती है। पक्का फ़ैसला Network टैब (टेस्ट 1) से ही होता है।

कैसे पहचानें कि साइट आपकी फ़ाइल अपलोड करती है

इनमें से किसी का मतलब यह नहीं कि सर्विस ख़राब है। इसका मतलब बस इतना है कि आपकी फ़ाइल आपके डिवाइस से बाहर चली गई।

Nibbo में हम क्या करते हैं

Nibbo के टूल आपके ब्राउज़र में चलते हैं: वीडियो WebCodecs के ज़रिए आपके अपने ग्राफ़िक्स चिप पर कंप्रेस होता है, और इमेज व PDF WebAssembly से प्रोसेस होते हैं। ऊपर के दोनों टेस्ट nibbo.org पर चलाकर देखें: Network टैब में आपको पेज की फ़ाइलें दिखेंगी और, अगर आप कुकीज़ स्वीकार करते हैं, तो एनालिटिक्स की छोटी रिक्वेस्ट भी, लेकिन आपकी फ़ाइल के साइज़ जितना कुछ नहीं। एयरप्लेन मोड चालू होने पर भी, एक बार खोला गया टूल पेज काम करता रहता है।

सवाल-जवाब

क्या “हम आपकी फ़ाइलें 1 घंटे बाद डिलीट कर देते हैं” काफ़ी सुरक्षित है?

यह फ़ाइल पर निर्भर करता है। डिलीट करने के वादे की जाँच करना मुश्किल है, और बैकअप या लॉग में कॉपी ज़्यादा समय तक रह सकती है। भारत में Digital Personal Data Protection Act, 2023 (DPDP) जैसा क़ानून होने के बावजूद, ID दस्तावेज़, कॉन्ट्रैक्ट और मेडिकल फ़ाइलों के लिए ऐसा टूल ज़्यादा सुरक्षित विकल्प है जिसके पास फ़ाइल पहुँचती ही नहीं।

क्या HTTPS का मतलब है कि मेरी फ़ाइल अपलोड नहीं हो रही?

नहीं। HTTPS (ताले का निशान) फ़ाइल को सर्वर तक पहुँचने के रास्ते में एन्क्रिप्ट करता है। यह उसी Wi-Fi पर मौजूद किसी दूसरे व्यक्ति से तो बचाता है, लेकिन ख़ुद सर्वर से नहीं, जिसे पूरी फ़ाइल मिल जाती है।

क्या कोई ब्राउज़र एक्सटेंशन या ऐप भी यही कर सकता है?

HandBrake या LibreOffice जैसे डेस्कटॉप प्रोग्राम भी फ़ाइलें आपके कंप्यूटर पर ही प्रोसेस करते हैं। ब्राउज़र एक्सटेंशन अलग-अलग होते हैं: कुछ अपलोड करते हैं, कुछ नहीं। एक्सटेंशन के वेब पेजों पर भी Network टैब वाला टेस्ट काम करता है।

फ़ोन में पहले से मौजूद कन्वर्टर का क्या?

फ़ोन के अपने टूल (Photos, Files, शेयर मेन्यू) डिवाइस पर ही काम करते हैं। दूसरी कंपनियों के “कन्वर्टर” ऐप अक्सर फ़ाइल अपलोड करते हैं। WhatsApp पर आई कोई फ़ाइल या DigiLocker से डाउनलोड किया दस्तावेज़ ऐसे ऐप में डालने से पहले, एयरप्लेन मोड से टेस्ट कर लें।